कोरोना वायरस इंसानी शरीर में कई तरह के असर छोड़ रहा है, कई चिकित्सकीय अध्ययनों में साबित हो चुका है कि कोरोना होने के बाद जवान और बुजुर्ग मरीजों में स्ट्रोक, अवसाद व चिंता जैसी मानसिक परेशानियां देखने को मिल रही हैं। इसलिए देश के वैज्ञानिक व मनोरोग विशेषज्ञों ने चिंता जताते हुए मरीजों के लिए काउंसलिंग को जरूरी बताया है, साथ ही बोला है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद मरीज की घर में भी निगरानी बेहद महत्वपूर्ण है।


मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार यूरोप के अस्पतालों में भर्ती 153 मरीजों पर मानसिक तनाव को लेकर पता चला है कि यह संक्रमण लोगों को मस्तिष्क से जुड़े विकार को बढ़ावा दे रहा है, 125 में से 77 मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक की कठिनाई मिली है।

वायरस शरीर में ब्लड क्लॉट बनाता है जिसकी वजह से मरीजों को स्ट्रोक की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, इसके अलावा, 39 मरीजों में मानसिक तनाव देखने को मिला है। 23 मरीजों में संक्रमण से पहले किसी भी तरह की मनोरोग कठिनाई नहीं थी, लेकिन उपचार के दौरान उन्हें यह परेशानी होने लगी है।

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