Alimony Tips- आखिर तलाक के बाद क्यों देनी पड़ती एलिमनी और कितनी, जानिए इसके बारे में पूरी डिटेल्स

BY Jitendra Jangid-  दोस्तो दुनिया का सबसे पवित्र बंधन एक पति और पत्नी का होता हैं, जिसमें दो अंजाने लोग एक दूसरे के साथ 7 जन्म बिताने की कस्में खाते हैं। लेकिन बात करें आज के परिदृश्य कि तो शादियां महज एक मजाक बनकर रह गई हैं, आए दिन मर्डर तलाक की खबरें आ रही हैं, लेकिन जो कि निराशाजनक होती हैं। तलाक के बदले पत्नी एलिमनी मांगती हैं, लेकिन अक्सर मन में सवाल उठता हैं कि एलिमनी क्यों दी जाती हैं और कितनी दी जात हैं, आइए जाने इसके बारे में पूरी डिटेल्स

तलाक के बाद गुजारा भत्ता को समझना

गुजारा भत्ता तलाक के बाद एक पति या पत्नी द्वारा दूसरे को दिया जाने वाला वित्तीय समर्थन है। यह आमतौर पर उस पति या पत्नी को दिया जाता है जो आर्थिक रूप से कमजोर है या खुद का भरण-पोषण करने में कम सक्षम है। 

गुजारा भत्ता के प्रकार: अंतरिम और स्थायी

गुजारा भत्ता के दो मुख्य प्रकार हैं: अंतरिम और स्थायी। अंतरिम गुजारा भत्ता तलाक की कार्यवाही के दौरान प्रदान की जाने वाली अस्थायी वित्तीय सहायता है, जबकि स्थायी गुजारा भत्ता एक दीर्घकालिक व्यवस्था है जो तलाक के अंतिम रूप से तय होने के बाद भी जारी रहती है।

गुजारा भत्ता तय करना: आपसी सहमति बनाम न्यायालय का हस्तक्षेप

गुजारा भत्ता की राशि पर पति और पत्नी आपसी सहमति से सहमत होते हैं। अगर पति-पत्नी किसी समझौते पर नहीं पहुँच पाते हैं, तो न्यायालय प्रत्येक साथी की आय, जीवनशैली और वित्तीय स्थिरता जैसे विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए गुजारा भत्ता की उचित राशि निर्धारित करने के लिए कदम उठाता है।

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