Bank Locker Tips- क्या बैंक लॉकर करने जा रहे हैं यूज, तो इन नियमों का रखें ख्याल

By Jitendra Jangid- दोस्तो अगर हम हाल ही के वर्षों की बात करें तो लोग अपना कीमती सामान घर की तिजोरी में नहीं बैंक लॉकर में रखना पसंद कर रहे हैं। क्योंकि आजकल चौरियां ज्यादा बढ़ गई हैं, इसी लिए बैंक लॉकर को ज़्यादा सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि यह चोरी, आग और अन्य संभावित जोखिमों से ज़्यादा सुरक्षा प्रदान करता है। लेकिन कई लोगों के मन में आज भी सवाल उठते हैं कि क्या वाकई में सुरक्षित हैं, आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी डिटेल्स

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बैंक लॉकर से जुड़े नियम क्या हैं?

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने लॉकर और उनमें रखी वस्तुओं की सुरक्षा के बारे में कुछ खास नियम और दिशा-निर्देश तय किए हैं, जिनका बैंकों को पालन करना चाहिए। ये नियम ग्राहकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं

बैंकों की ज़िम्मेदारी: RBI के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, लॉकर की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी बैंक की है। अगर आपका कीमती सामान चोरी हो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो बैंक आपको हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए उत्तरदायी है।

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नुकसान के लिए मुआवज़ा: यदि आपके लॉकर में रखी वस्तुएँ क्षतिग्रस्त या चोरी हो जाती हैं, तो बैंक को आपको पूरे नुकसान की भरपाई करनी होगी।

बैंक लॉकर सुविधा का लाभ कैसे उठाएँ

आवेदन प्रक्रिया: लॉकर सुविधा का लाभ उठाने के लिए, आपको सबसे पहले बैंक से संपर्क करना होगा और एक आवेदन जमा करना होगा। बैंक आपके अनुरोध का मूल्यांकन करेगा और उपलब्धता के आधार पर आपको लॉकर आवंटित करेगा।

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पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर: बैंक लॉकर आम तौर पर पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध होते हैं। यदि प्रतीक्षा सूची है, तो जैसे ही लॉकर उपलब्ध होगा, आपको लॉकर आवंटित कर दिया जाएगा।

लॉकर किराया: एक बार जब आपको लॉकर आवंटित कर दिया जाता है, तो बैंक एक मामूली वार्षिक किराया लेगा। लॉकर की लागत आमतौर पर लॉकर के आकार और बैंक की नीतियों के आधार पर भिन्न होती है।

नियम और शर्तें: बैंक आपसे लॉकर का उपयोग करने के नियमों और शर्तों को रेखांकित करने वाले अनुबंध पर हस्ताक्षर करने की मांग कर सकते हैं।