ITR फाइल करते समय इन 10 गलतियों से जरूर बचें, वरना लग सकता है भारी जुर्माना
- bySagar
- 21 Apr, 2025
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आखिरी तारीख 31 जुलाई 2025 तय की गई है। अगर आप लापरवाही या जल्दबाजी में रिटर्न भरते हैं, तो कुछ सामान्य गलतियां भारी नुकसान का कारण बन सकती हैं। आइए जानते हैं ITR फाइलिंग के दौरान की जाने वाली 10 आम गलतियों के बारे में, जिनसे बचकर आप नोटिस, जुर्माने और रिफंड में देरी से बच सकते हैं।
1. व्यक्तिगत जानकारी में गलती
ITR फॉर्म में PAN, आधार नंबर और जन्मतिथि जैसी जानकारियां पूरी तरह सही भरें। अगर इनमें अंतर होगा तो रिटर्न की प्रोसेसिंग में परेशानी आ सकती है।
2. बैंक खाता सत्यापन में चूक
जिस बैंक अकाउंट में आप रिफंड चाहते हैं, वह आयकर पोर्टल पर सही मोबाइल नंबर और ईमेल ID से लिंक होना चाहिए। वरना रिफंड में देरी या फंड ट्रांसफर की गलती हो सकती है।
3. गलत ITR फॉर्म का चयन
आपकी आय के स्रोत के अनुसार आपको सही ITR फॉर्म का चयन करना होता है। गलत फॉर्म भरने पर आपका रिटर्न अमान्य या डिफेक्टिव माना जा सकता है।
4. सभी आय स्रोतों का खुलासा न करना
बचत खाते का ब्याज, FD से कमाई, किराया, फ्रीलांस आय – हर इनकम सोर्स को ITR में दिखाएं। अगर आपने कुछ छिपाया तो आपको नोटिस या पेनल्टी मिल सकती है।
5. फॉर्म 26AS से मिलान न करना
ITR भरने से पहले TDS, TCS और एडवांस टैक्स की जानकारी फॉर्म 26AS से मिलाएं। अंतर होने पर रिटर्न रद्द किया जा सकता है।
6. फर्जी डिडक्शन का दावा करना
केवल उन्हीं छूटों का दावा करें जिनके आपके पास पुख्ता दस्तावेज हों जैसे 80C, 80D, 80G। फर्जी दावा करने पर जांच और जुर्माना हो सकता है।
7. बैंक खातों की जानकारी न देना
अपने सभी एक्टिव बैंक खातों की जानकारी ITR में दें। जानकारी छुपाने पर विभाग को शक हो सकता है। हालांकि डीमैट अकाउंट की जानकारी वैकल्पिक होती है।
8. गलत असेसमेंट ईयर का चयन
1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक की आय के लिए सही असेसमेंट ईयर 2025-26 है। गलत वर्ष चुनने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है।
9. ITR का ई-वेरिफिकेशन भूलना
रिटर्न फाइल करने के बाद उसे 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफाई करें या फिर साइन की हुई कॉपी CPC, बेंगलुरु भेजें। ऐसा न करने पर आपका रिटर्न रद्द माना जाएगा।
10. आईटीआर की समयसीमा चूकना
31 जुलाई 2025 तक ITR फाइल करना जरूरी है। इसके बाद फाइल करने पर लेट फीस, ब्याज और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
निष्कर्ष
ITR फाइलिंग केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह आपकी फाइनेंशियल जिम्मेदारी है। अगर आप ऊपर बताई गई गलतियों से बचते हैं तो आप टैक्स नोटिस, जुर्माना और अन्य परेशानियों से बच सकते हैं। अगर आपको संदेह है, तो एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह लें।






