Bleeding Eye Virus- तेजी से दुनिया में फेल रहा हैं ब्लीडिंग आई वायरस का खतरा, जनिए लक्षण और बचाव के तरीके
- bySagar
- 03 Dec, 2024
By Jitendra Jangid- दोस्तो कुछ सालों की बात करें तो हमारी दुनिया को कुछ वायरस ने परेशान कर रखा हैं, अगर हम हाल ही कि रिपोर्ट्स की बात करें तो एक नया वायरस सामने आया हैं "ब्लीडिंग आई वायरस।" यह स्थिति, जिसमें आँखों में रक्तस्राव या रक्त के थक्के शामिल हैं, मारबर्ग, एमपॉक्स और अरापंच जैसे देशों सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से फैल रही है। आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी डिटेल्स

ब्लीडिंग आई वायरस क्या है?
वैज्ञानिक रूप से रक्तस्रावी नेत्रश्लेष्मलाशोथ के रूप में जाना जाने वाला, ब्लीडिंग आई वायरस एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से आँखों को प्रभावित करता है। इस वायरस का मुख्य लक्षण आँखों में रक्त की उपस्थिति है, या तो रक्त के थक्के के रूप में या आँख से रक्तस्राव के रूप में। संक्रमित व्यक्ति अपनी आँखों के सफेद हिस्से को लाल होते हुए या रक्त से भरे थक्कों के विकास को देख सकते हैं।

ब्लीडिंग आई वायरस के लक्षण
- आँखों में तेज़ जलन या खुजली
- आँखों के सफ़ेद हिस्से में लालिमा या खून के थक्के
- धुंधली दृष्टि
- लगातार सिरदर्द
- चक्कर आना
- उल्टी
- हल्का बुखार
यदि आप इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं, तो शीघ्र निदान और उपचार के लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लेना आवश्यक है।
ब्लीडिंग आई वायरस को कैसे रोकें

अच्छी स्वच्छता बनाए रखें: हमेशा अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएँ और गंदे हाथों से अपनी आँखों को छूने से बचें।
साफ़ तौलिये और रूमाल का उपयोग करें: ऐसे तौलिये या रूमाल का उपयोग करने से बचें जो किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हों। इससे दूषित सतहों के माध्यम से वायरस फैलने का जोखिम कम हो जाएगा।
संक्रमित व्यक्तियों के साथ निकट संपर्क से बचें: चूंकि वायरस तेजी से फैलता है, इसलिए ब्लीडिंग आई वायरस के लक्षण दिखाने वाले किसी भी व्यक्ति से सुरक्षित दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
चिकित्सा सलाह का पालन करें: केवल स्वास्थ्य सेवा पेशेवर द्वारा निर्धारित आई ड्रॉप या एंटीबायोटिक्स का उपयोग करें। ओवर-द-काउंटर उपचार प्रभावी नहीं हो सकते हैं और स्थिति को खराब कर सकते हैं।
अपने चश्मे और कॉन्टैक्ट लेंस को नियमित रूप से साफ करें: यदि आप कॉन्टैक्ट लेंस या चश्मा पहनते हैं, तो सुनिश्चित करें कि संक्रमण के जोखिम से बचने के लिए उन्हें नियमित रूप से साफ और कीटाणुरहित किया जाता है।






