Child Pornography: चाइल्ड पोर्नोग्राफी के खिलाफ भारत में सख्त हैं नियम, देखने पर हो सकती है ये सजा
- byVarsha
- 12 Apr, 2025
मोबाइल की मदद से हम हर काम चुटकियों में कर सकते हैं। कुछ भी सर्च करते ही तुरंत जानकारी हमारे सामने निकल कर आ जाती है। कुछ भी खरीदने से लेकर, टिकट बुक करवाने, बिल भरने रिचार्ज करने तक हर काम आसानी से हो जाता है। लेकिन इसी के साथ लोग पोर्नोग्राफी को भी आसानी से एक्सेस कर सकते हैं।
एक्सपर्ट्स की मानें तो, पोर्नोग्राफी की पहुंच युवा पीढ़ी के बीच ज्यादा है। कुछ युवा तो इस हद तक इसके आदि हो जाते हैं कि उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। भारत में वैसे तो पोर्नोग्राफी देखना अपराध नहीं है। लेकिन आप अगर चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े वीडियो देखते हैं तो मुसीबत में पड़ सकते हैं।
भारत में ये क्राइम है
यूं तो भारत में पोर्नोग्राफी देखना अपराध नहीं है, लेकिन अगर आप चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े वीडियो देखते हैं तो आपको सजा हो सकती है। भारत में चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े वीडियो देखना, बनाना और डाउनलोड करना अपराध है। पुलिस आपके खिलाफ कार्यवाही कर सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित कर रखी है ये सजा
चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखने, डाउनलोड करने और सर्कुलेट करने पर भारत में पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के सेक्शन 67 के तहत ऐसा करने पर तीन साल से लेकर पांच साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
चाइल्ड पोर्नोग्राफी शब्द पर सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति
सुप्रीम कोर्ट ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी शब्द पर भी आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया था कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी की बजाए चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लोइटेटिव एंड एब्यूसिव मटेरियल' शब्द का इस्तेमाल किया जाए।






