HDFC बैंक ने बचत खातों की ब्याज दर घटाई, अब सिर्फ 2.75% मिलेगा ब्याज — प्राइवेट बैंकों में सबसे कम

भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। बैंक ने बचत खाते की ब्याज दर में 0.25% की कटौती कर दी है। अब सेविंग अकाउंट पर महज 2.75% सालाना ब्याज मिलेगा, जो पहले 3% हुआ करता था। इस कटौती के बाद HDFC की ब्याज दर प्राइवेट बैंकों में सबसे कम मानी जा रही है।

यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 0.25% रेपो रेट घटाए जाने के बाद लिया गया है। दरअसल, बैंक ने अपनी लागत घटाने और मुनाफा सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। जानकारों का मानना है कि इस कटौती से बैंक को सालाना करीब 1,500 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।

14 साल में पहली बार इतनी बड़ी गिरावट

गौर करने वाली बात यह है कि HDFC बैंक ने पिछले 14 सालों में कभी भी बचत खाते की ब्याज दर में बढ़ोतरी नहीं की। साल 2011 में ब्याज दर 4% थी, जो समय के साथ घटकर अब 2.75% पर आ गई है।

यह बदलाव यह भी दर्शाता है कि अब ग्राहक बचत खाता महज पैसे के लेन-देन के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिक ब्याज की तलाश में लोग अब अपनी रकम फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश कर रहे हैं।

जानें, अन्य बैंकों की क्या है ब्याज दर

बैंक का नामनई बचत खाता ब्याज दरपुरानी दरFD में बदलावलागू तिथि
HDFC बैंक2.75%3.00%0.35-0.40% कटौती1 अप्रैल 2025
SBI2.70% (2022 से)2.75% (2020)3.50% - 7.25%
बंधन बैंक3.00% - 5.00%6.00%3.00% - 8.05%
यस बैंक3.00%

फिक्स डिपॉजिट पर भी गिरी ब्याज दरें

सिर्फ बचत खाता ही नहीं, बल्कि फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में भी कटौती हुई है। 1 अप्रैल 2025 से HDFC बैंक ने एफडी पर ब्याज दर में 0.35% से 0.40% तक की कमी की है।

अन्य बैंक भी इसी राह पर हैं। यस बैंक और बंधन बैंक ने भी अपनी एफडी दरें घटाई हैं। बंधन बैंक ने बचत खाते की ब्याज दर 6% से घटाकर अब 3% से 5% के बीच कर दी है। वहीं, बजाज फाइनेंस ने भी लंबी अवधि की एफडी पर ब्याज दर में 0.25% की कटौती की है।

क्यों घटा रहे हैं बैंक ब्याज दरें?

सामान्यत: बैंक बचत खाते पर फिक्स डिपॉजिट की तुलना में कम ब्याज देते हैं, ताकि उनकी लागत नियंत्रित रहे। कोरोना महामारी के दौरान, साल 2020 में SBI ने भी बचत खाता ब्याज दर घटाकर 2.75% कर दी थी, और बाद में इसे 2.7% तक कम किया।

HDFC का यह कदम साफ दर्शाता है कि बैंक अपनी तरलता (Liquidity) और लाभप्रदता बनाए रखने के लिए ब्याज दरों में कटौती कर रहे हैं।

HDFC बैंक की यह दर कटौती देशभर के खाताधारकों के लिए एक बड़ा संकेत है। बचत खाते अब केवल पैसे रखने और ट्रांजैक्शन के लिए सुविधाजनक हैं, लेकिन बेहतर रिटर्न के लिए ग्राहक अब फिक्स डिपॉजिट या अन्य निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।