Health Tips- पुरुषों की फर्टिलिटी आखिर क्यों हो रही हैं कम, जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं
- byJitendra
- 29 Jun, 2026
दोस्तो आज के युवाओं कि भागदौड़ और व्यस्त जीवन के कारण वो अपने अपने खान पान और जीवनशैली पर ध्यान नहीं दे पाते हैं, जिसकी वजह से ज़्यादातर लोग जानते हैं कि मोटापे से डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि शरीर का ज़्यादा वज़न पुरुषों की फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) पर भी बुरा असर डाल सकता है।
मोटापा पुरुषों में स्पर्म की क्वालिटी, स्पर्म काउंट और कुल मिलाकर प्रजनन स्वास्थ्य पर काफी असर डाल सकता है। जो कपल्स परिवार शुरू करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए इस संबंध को समझना ज़रूरी है, आइए जानते हैं इसकी पूरी डिटेल्स

1. हार्मोनल असंतुलन
शरीर में ज़्यादा फैट, खासकर पेट के आसपास, शरीर के हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है। मोटापे के कारण अक्सर ये समस्याएं होती हैं:
टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होना
एस्ट्रोजन (महिला हार्मोन) का स्तर बढ़ना
ये हार्मोनल बदलाव स्पर्म बनने की प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं, जिससे स्पर्म काउंट कम हो सकता है और स्पर्म की क्वालिटी खराब हो सकती है।
2. स्पर्म की सेहत पर असर
मोटापा सीधे तौर पर स्पर्म बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। ज़्यादा वज़न वाले पुरुषों में ये समस्याएं हो सकती हैं:
स्पर्म का कम बनना
स्पर्म की गतिशीलता (motility) कम होना
स्पर्म की बनावट असामान्य होना
सफल फर्टिलाइज़ेशन की संभावना कम होना
3. इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का बढ़ता खतरा
मोटापा इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ED) से भी जुड़ा है। ज़्यादा वज़न ब्लड सर्कुलेशन और हार्मोन के स्तर को प्रभावित कर सकता है, जिससे इरेक्शन पाने या बनाए रखने में मुश्किल हो सकती है, जो फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं को और बढ़ा सकता है।
4. सूजन (Inflammation) और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस
ज़्यादा वज़न होने से शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। ये कारक स्पर्म के DNA को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे फर्टिलिटी कम हो सकती है और प्रजनन क्षमता पर असर पड़ सकता है।
फर्टिलिटी कैसे सुधारें और मोटापा कैसे कम करें?

हेल्दी डाइट लें
संतुलित आहार फर्टिलिटी सुधारने और वज़न को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है। इसमें शामिल करें:
ताज़े फल और सब्ज़ियां
साबुत अनाज
प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ
नट्स और बीज
प्रोसेस्ड फूड, मीठे ड्रिंक्स और जंक फूड का ज़्यादा सेवन करने से बचें।
नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें
शारीरिक गतिविधि वज़न को कंट्रोल करने और कुल मिलाकर सेहत को बेहतर बनाने में मदद करती है।
रोज़ाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज़ करें
इसमें वॉकिंग, जॉगिंग, साइक्लिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शामिल करें
नियमित एक्सरसाइज़ से हार्मोन का संतुलन और स्पर्म की क्वालिटी बेहतर हो सकती है
पूरी नींद लें
प्रजनन स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद ज़रूरी है। हर रात 7-8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें।
अच्छी नींद हार्मोन को संतुलित रखने और स्वस्थ स्पर्म बनने में मदद करती है।
स्मोकिंग और शराब से बचें।
स्मोकिंग और बहुत ज़्यादा शराब पीने से फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ सकता है। इन आदतों को कम करने या छोड़ने से रिप्रोडक्टिव हेल्थ में काफ़ी सुधार हो सकता है।





