2024-25 का वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है, और यह जानना ज़रूरी है कि आपके लिए कौन सा ITR फॉर्म सही रहेगा। ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) दोनों विकल्प हैं, लेकिन इनके अपने नियम और उपयोग के तरीके हैं। गलत फॉर्म भरने से आपको दिक्कतें हो सकती हैं, इसलिए सही जानकारी प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।
ITR-1 (सहज): यह फॉर्म उन भारतीय नागरिकों के लिए है जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये से कम है। इसमें सैलरी, पेंशन, एक मकान की प्रॉपर्टी से प्राप्त आय, और ब्याज से होने वाली कमाई शामिल होती है। इसके अंतर्गत आप अपनी पत्नी या छोटे बच्चे की आय भी जोड़ सकते हैं, अगर उनकी आय भी इन्हीं स्रोतों से हो। लेकिन निम्नलिखित लोग ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते:
- यदि आप भारत से बाहर रहते हैं।
- किसी कंपनी के डायरेक्टर हैं।
- विदेश में संपत्ति या खाते हैं।
- लॉटरी या अन्य विशेष स्रोतों से कमाई है।
ITR-4 (सुगम): यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जो छोटा व्यवसाय करते हैं या फ्रीलांसर/प्रोफेशनल्स हैं, और जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये से कम है। यह तब उपयोगी है जब आपकी आय का हिसाब-किताब सरल तरीके से हो सकता है। अगर आपकी आय का ऑडिट होता है, तो ITR-4 के बजाय ITR-3 या ITR-5 चुनें।
Form 16 की अंतिम तिथि: Form 16 आमतौर पर 31 मई तक जारी होता है, लेकिन 2024-25 के लिए इसकी अंतिम तिथि 15 जून 2025 है। यह दस्तावेज़ आपकी आय, टीडीएस और अन्य विवरणों की पुष्टि करता है।
सही ITR फॉर्म का चुनाव आपकी टैक्स योजना को आसान और कानूनी समस्याओं से बचाने में मदद करता है। यदि समझने में दिक्कत हो, तो किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा।



