Jyotish Tips- सूर्य ग्रहण के बाद करें ये काम, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए होता हैं फायदेमंद
- byJitendra
- 18 Feb, 2026
दोस्तो साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को हुआ, जो फाल्गुन अमावस्या के शुभ मौके पर पड़ रहा है। सूर्य ग्रहण का आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व बहुत ज़्यादा होता है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे कि यह ग्रहण क्यों खास है और इसके खत्म होने के बाद क्या उपाय करने चाहिए, आइए जाने पूरी डिटेल्स

17 फरवरी, 2026 को हुए सूर्य ग्रहण बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह फाल्गुन अमावस्या को था, यह दिन पहले से ही आध्यात्मिक साधना और पूर्वजों के रीति-रिवाजों से जुड़ा हुआ है। इस दौरान बहुत से लोग सावधानी बरतते हैं और शुद्धिकरण की रस्में निभाते हैं।
यह ग्रहण कुंभ राशि में लग रहा है, जिसका स्वामी शनि है। ज्योतिष के अनुसार, शनि की राशि में ग्रहण का गहरा कर्म और ऊर्जा पर असर माना जाता है। ऐसा भी कहा जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान राहु बहुत ज़्यादा एक्टिव हो जाता है, जिससे उसका असर और बढ़ जाता है।
सूर्य ग्रहण के समय आस-पास नेगेटिव या खराब एनर्जी का सर्कुलेशन बढ़ सकता है। इस वजह से, ग्रहण के बाद साफ़-सफ़ाई और आध्यात्मिक पवित्रता बनाए रखना ज़रूरी माना जाता है।
ग्रहण खत्म होने के बाद, पॉज़िटिविटी और पवित्रता वापस लाने के लिए अपने घर को अच्छी तरह से साफ़ करने की सलाह दी जाती है। यहाँ कुछ आम तौर पर अपनाए जाने वाले उपाय दिए गए हैं:
सेंधा नमक के पानी से पोछा लगाएँ: पानी में सेंधा नमक मिलाकर पूरे घर में पोछा लगाएँ। सेंधा नमक नेगेटिव एनर्जी को सोखने और खत्म करने में मदद करता है।

गंगा जल छिड़कें: माहौल को शुद्ध करने के लिए सभी कमरों में पवित्र गंगा जल छिड़कें।
कपूर और लौंग जलाएँ: कपूर के साथ कुछ लौंग जलाएँ और इसे घर के चारों ओर, खासकर चारों कोनों में घुमाएँ, ताकि जगह आध्यात्मिक रूप से शुद्ध हो सके।
मंदिर और मूर्ति की देखभाल
ग्रहण के बाद, अपने घर के मंदिर को ठीक से साफ़ करें। बाल गोपाल (बाल रूप में भगवान कृष्ण) के कपड़े बदलें और ताज़े फूल और प्रसाद चढ़ाएँ। यह घर में दैवीय पवित्रता और पॉज़िटिव वाइब्रेशन को वापस लाने का प्रतीक है।




