बिहार डाक विभाग में वित्त वर्ष 2024-25 में खुले 31 लाख से ज्यादा खाते, 13 लाख से अधिक हुए बंद — जानें पूरा डेटा!
- bySagar
- 14 Apr, 2025
बिहार के डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2024-25 में खाता खोलने के लक्ष्य को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े जारी किए हैं। वर्ष के अंत तक, विभाग ने कुल 31,24,753 नए खाते खोले, जबकि 13,24,614 खाते विभिन्न कारणों से बंद कर दिए गए।
इस वर्ष डाक विभाग ने 24,46,200 नए खाते खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया था। हालांकि, मार्च के अंत तक केवल 17,27,139 खाते ही खोले जा सके, जो लक्ष्य का लगभग 70% ही है।
सबसे ज्यादा खाते सेंट्रल एरिया में खुले
यदि क्षेत्रवार बात करें तो, नए खाते खोलने में सेंट्रल एरिया ने बाज़ी मारी। यहां कुल 13,96,133 खाते खोले गए। इसके बाद दूसरे स्थान पर ईस्ट एरिया रहा, जहां 11,28,094 खाते खोले गए।
तीसरे स्थान पर नॉर्थ एरिया रहा, जहां इस वित्तीय वर्ष में 6,00,526 खाते खोले गए।
बंद हुए खातों में भी सेंट्रल एरिया सबसे आगे
नए खातों के साथ-साथ, बंद हुए खातों की संख्या भी कम नहीं रही।
- सेंट्रल एरिया में सबसे ज्यादा 7,32,333 खाते बंद हुए।
- इसके बाद नॉर्थ एरिया में 4,14,798 खाते बंद हुए।
- जबकि ईस्ट एरिया में 2,50,483 खाते बंद हुए।
टॉप पर रहा समस्तीपुर डिविजन
खातों के प्रदर्शन में समस्तीपुर डिविजन ने सबसे बेहतरीन परिणाम दिए। डिविजन ने अपने लक्ष्य से लगभग 35% ज्यादा खाते खोलकर टॉप स्थान हासिल किया।
दूसरे स्थान पर पटना जीपीओ, तीसरे पर पटना साहिब डिविजन और चौथे पर ईस्ट चंपारण डिविजन रहे।
सबसे पीछे रहा मुजफ्फरपुर डिविजन
दूसरी ओर, मुजफ्फरपुर डिविजन का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। यहां निर्धारित लक्ष्य का केवल 40% खाते ही खोले जा सके। इसके अलावा, ईस्ट डिविजन ने भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया और लक्ष्य का सिर्फ 55% ही पूरा कर पाया।
बिहार के डाक विभाग ने खाता खोलने में अच्छा प्रदर्शन तो किया, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अब भी सुधार की ज़रूरत है। समस्तीपुर और पटना जैसे डिविजन जहां लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं मुजफ्फरपुर जैसे डिविजन अभी पिछड़ रहे हैं।






