1 अप्रैल 2025 से नया टैक्स नियम: पार्टनरशिप फर्म को पार्टनर्स के भुगतान पर काटना होगा टीडीएस, जानिए पूरी जानकारी
- bySagar
- 27 Mar, 2025
📅 **1 अप्रैल 2025 से लागू होगा नया नियम**
भारत सरकार ने **पार्टनरशिप फर्म** के लिए **नया टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) नियम** लागू करने का फैसला किया है, जो **1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा।** इस नए नियम के तहत, **फर्म को अपने पार्टनर्स को किए गए कुछ विशेष भुगतान पर टीडीएस काटना अनिवार्य होगा।**
यह प्रावधान **जुलाई 2024 के बजट** में पेश किया गया था और इसे **इनकम टैक्स एक्ट के नए सेक्शन 194T** के तहत लागू किया गया है।
**किन भुगतानों पर लगेगा टीडीएस?**
नए नियम के अनुसार, जब भी कोई **पार्टनरशिप फर्म अपने पार्टनर्स को भुगतान करेगी या उनके कैपिटल अकाउंट में धनराशि क्रेडिट करेगी**, तो उस समय टीडीएस कटौती करनी होगी।
यह नियम निम्नलिखित भुगतानों पर लागू होगा:
✔ **पार्टनर की सैलरी**
✔ **रिन्युअल भुगतान**
✔ **कमीशन**
✔ **बोनस**
✔ **ब्याज (कैपिटल अकाउंट सहित किसी भी अकाउंट पर)**
❌ **हालांकि, फर्म द्वारा पार्टनर्स के बीच किए गए लाभ वितरण (प्रॉफिट शेयरिंग) पर टीडीएस नहीं लगेगा, क्योंकि फर्म पहले ही इस पर टैक्स अदा कर चुकी होती है।**
**टीडीएस की दर और छूट सीमा**
📌 **₹20,000 से कम भुगतान** पर **कोई टीडीएस नहीं कटेगा।**
📌 **₹20,000 से अधिक भुगतान** होने पर **10% टीडीएस काटा जाएगा।**
**सेक्शन 194T से फर्म और पार्टनर्स पर क्या असर पड़ेगा?**
🟢 **फर्म के लिए:**
- भुगतान से पहले **टीडीएस कटौती अनिवार्य होगी।**
- **सही रिकॉर्ड-कीपिंग और खातों की समय पर समीक्षा आवश्यक होगी।**
- **नियमों का पालन न करने पर पेनल्टी और ऑडिट में कर विसंगतियां हो सकती हैं।**
🟢 **पार्टनर्स के लिए:**
- उन्हें **टीडीएस कटौती के बाद भुगतान प्राप्त होगा।**
- **आईटीआर फाइलिंग में टीडीएस की सही जानकारी देना अनिवार्य होगा।**
- **एडवांस टैक्स की गणना सही ढंग से करनी होगी ताकि ब्याज और पेनल्टी से बचा जा सके।**
**सरकार ने यह नियम क्यों लागू किया?**
🔹 पहले फर्म को पार्टनर्स के भुगतान पर टीडीएस काटने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि यह **"बिजनेस इनकम"** के रूप में पार्टनर्स के आईटीआर में शामिल किया जाता था।
🔹 लेकिन **कुछ मामलों में टैक्स चोरी** हो रही थी, क्योंकि फर्म पार्टनर्स के खातों में राशि क्रेडिट कर देती थी, लेकिन **तुरंत टैक्स नहीं काटती थी।**
🔹 इस नए नियम से **टैक्स की समय पर वसूली होगी, टैक्स अनुपालन बढ़ेगा और आय की गलत रिपोर्टिंग रोकी जा सकेगी।**
**पार्टनरशिप फर्म को क्या कदम उठाने चाहिए?**
✅ **सभी पार्टनर्स को किए गए भुगतानों की समीक्षा करें।**
✅ **₹20,000 से अधिक की राशि पर 10% टीडीएस काटें।**
✅ **समय पर टीडीएस रिटर्न फाइल करें ताकि कोई जुर्माना न लगे।**
✅ **पार्टनर्स को टीडीएस कटौती की जानकारी दें ताकि वे इसे अपनी आईटीआर में रिपोर्ट कर सकें।**
**नियम का पालन न करने पर क्या होगा?**
❌ **टीडीएस न काटने पर आयकर विभाग जुर्माना लगा सकता है।**
❌ **फर्म के लिए अतिरिक्त टैक्स देनदारी बढ़ सकती है।**
❌ **देरी से टैक्स भुगतान पर ब्याज और वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।**
**कैसे करें नए नियम का पालन?**
1️⃣ **टीडीएस नियमों को समझने के लिए अपने अकाउंटेंट या टैक्स सलाहकार से परामर्श लें।**
2️⃣ **सभी पार्टनर्स को किए गए भुगतानों की निगरानी करें और ₹20,000 की सीमा का ध्यान रखें।**
3️⃣ **टीडीएस की कटौती समय पर करें और इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में जमा करें।**
4️⃣ **टीडीएस से संबंधित रिटर्न और रिपोर्टिंग समय पर करें ताकि किसी भी तरह की गलती से बचा जा सके।**
5️⃣ **पार्टनर्स को टीडीएस कटौती की जानकारी दें ताकि वे इसे अपनी आईटीआर में रिपोर्ट कर सकें।**
📢 **1 अप्रैल 2025 से पहले टैक्स एक्सपर्ट्स से परामर्श लें और सभी जरूरी बदलाव करें!**



