महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र से अब कर सकते हैं आंशिक निकासी, जानें कैसे उठाएं फायदा

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र की शुरुआत अप्रैल 2023 में हुई थी. इसमें निवेशक 1,000 से लेकर 2 लाख रुपये तक की राशि निवेश कर सकता है. अब इस योजना के तहत निवेशक अपने निवेश का 40 फीसदी हिस्सा निकाल सकते हैं. आइए जानें कि इसका लाभ कैसे उठाया जा सकता है.

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (MSSC) क्या है?

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र (MSSC) की शुरुआत केंद्र सरकार ने अप्रैल 2023 में की थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देना और उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है. इसमें 1,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है. MSSC पर सालाना 7.5% ब्याज मिलता है. महिलाएं बैंक या डाकघर की किसी भी शाखा में जाकर इस योजना के तहत खाता खुलवा सकती हैं.

आंशिक निकासी का नियम:

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र में जमा राशि का 40% हिस्सा एक साल बाद निकाला जा सकता है. यह नियम 7 मार्च 2025 से लागू हो चुका है. निवेश करने वाली महिला खाता खोलने की तारीख से एक साल पूरा होने के बाद और मैच्योरिटी से पहले एक बार इस निकासी का लाभ उठा सकती है. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी महिला ने 2 लाख रुपये निवेश किए और एक साल बाद उसका बैलेंस 2,15,427 रुपये हो गया है, तो वह 40% यानी 86,171 रुपये तक निकाल सकती है.

आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि:

MSSC में निवेश करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 है. अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहती हैं, तो जल्द से जल्द नजदीकी बैंक या डाकघर की शाखा में संपर्क करें.

निष्कर्ष:

महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र से महिलाएं अपनी बचत को सुरक्षित और लाभकारी बना सकती हैं. आंशिक निकासी की सुविधा से वित्तीय आपातकाल में मदद मिलती है और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है.