अब बिना OTP के नहीं ले पाएंगे आपका KYC डेटा! जानिए नया नियम कैसे बदलेगा पूरा सिस्टम

अब आपका KYC डेटा आपकी अनुमति के बिना कोई नहीं ले पाएगा! सरकार ने KYC से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे वित्तीय डेटा की सुरक्षा पहले से कहीं ज़्यादा मजबूत हो जाएगी। अब हर बार जब कोई बैंक या फिनटेक कंपनी आपके KYC डेटा को एक्सेस करना चाहेगी, तो आपको OTP के ज़रिए सहमति देनी होगी।

इस नए नियम का उद्देश्य ग्राहकों को डेटा पर ज्यादा नियंत्रण देना और साइबर फ्रॉड को रोकना है। यह नियम 9 मई 2025 से लागू होगा।

🔍 क्या है नया नियम?

अब तक जब कोई बैंक आपकी KYC जानकारी लेता था, तो सिर्फ एक मैसेज आता था कि आपके डेटा को एक्सेस किया जा रहा है। लेकिन नए नियम के बाद ऐसा नहीं होगा। अब बैंक को KYC डेटा एक्सेस करने से पहले ग्राहक से OTP के ज़रिए सहमति लेनी होगी।

वित्त मंत्रालय ने बैंकों और NBFCs को C-KYC रजिस्ट्री को प्राथमिक डेटा स्रोत के रूप में उपयोग करने का निर्देश दिया है, जिससे एक ही डेटा बार-बार मांगने की जरूरत न पड़े।

📩 कैसे काम करेगा OTP आधारित सहमति सिस्टम

Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, अब हर बार जब कोई संस्था KYC डेटा एक्सेस करना चाहेगी, तो ग्राहक को एक OTP भेजा जाएगा। जब तक ग्राहक वह OTP दर्ज नहीं करता, तब तक डेटा एक्सेस नहीं किया जा सकेगा।

इससे सुनिश्चित होगा कि:

  • ग्राहक को पूरी जानकारी और नियंत्रण मिल सके
  • डेटा की अनधिकृत पहुंच रोकी जा सके
  • साइबर सुरक्षा मानकों का पालन हो

हालांकि, फिनटेक कंपनियों का कहना है कि इससे उनके काम में रुकावट आ सकती है।

😟 क्यों परेशान हैं फिनटेक कंपनियां?

  • OTP सिस्टम लागू करने के लिए उन्हें नई वेबसाइट या पोर्टल बनाना होगा।
  • अगर ग्राहक उस समय OTP दर्ज न कर सके, तो पूरी प्रक्रिया फेल हो सकती है।
  • OTP डिलीवरी में देरी या रजिस्टर्ड नंबर से मेल न खाने की स्थिति में परेशानी बढ़ सकती है।

🗓️ डेडलाइन का दबाव भी बना टेंशन

सरकार ने इस नियम को लागू करने की अंतिम तारीख 9 मई तय की है। इसके बाद पुराना सिस्टम काम नहीं करेगा। कंपनियों का कहना है कि इतनी जल्दी में बदलाव करना काफी मुश्किल है।

भले ही OTP आधारित नया सिस्टम फिनटेक कंपनियों के लिए एक चुनौती हो, लेकिन यह आम उपभोक्ता के लिए बड़ी राहत साबित होगा। अब हर बार आपकी सहमति के बिना आपका KYC डेटा कोई नहीं ले पाएगा — जिससे आपकी वित्तीय जानकारी पहले से ज्यादा सुरक्षित रहेगी।