RBI ने बैंक का लाइसेंस रद्द किया: जानिए जमा और निकासी से जुड़े नए नियम
- bySagar
- 23 Apr, 2025
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक सहकारी बैंक का बैंकिंग लाइसेंस 22 अप्रैल 2025 से रद्द कर दिया है। यह इस महीने का तीसरा मामला है जब RBI ने किसी बैंक के खिलाफ कार्रवाई की है। यह कदम उन बैंकों पर कसा गया शिकंजा है जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
बैंक बंद करने की प्रक्रिया के लिए RBI ने महाराष्ट्र सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार से लिक्विडेटर नियुक्त करने और संबंधित आदेश जारी करने को कहा है।
⚠️ क्यों रद्द किया गया लाइसेंस?
RBI के अनुसार, बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं थी, और कमाई की कोई संभावना भी नहीं दिख रही थी। यह बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 की धारा 22(3)(b), 22(3)(d), 22(3)(e) और धारा 56 का उल्लंघन कर रहा था।
RBI का कहना है कि अगर बैंक को संचालन की अनुमति दी जाती, तो यह जनहित और जमाकर्ताओं की सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकता था।
🚫 जमाकर्ताओं पर असर
लाइसेंस रद्द होने के बाद:
- बैंक अब जमा स्वीकार नहीं कर सकता।
- ऋण वितरण और बैंकिंग सेवाएं बंद हो गई हैं।
- ग्राहक बैंक से सीधे पैसा नहीं निकाल पाएंगे।
हालांकि, ग्राहकों को DICGC अधिनियम 1961 के तहत सुरक्षा प्राप्त है।
💰 जमाकर्ताओं को क्या मिलेगा?
डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) प्रत्येक जमाकर्ता को अधिकतम ₹5 लाख तक की बीमा राशि देती है, जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल हैं।
- 3 अप्रैल 2025 तक DICGC ने ₹275.22 करोड़ की राशि पहले ही जारी कर दी है।
- 91.55% जमाकर्ताओं को पूरी राशि मिल जाएगी।
📌 क्लेम के लिए आवेदन नहीं करना होगा
ग्राहकों को बीमा राशि के लिए अलग से कोई आवेदन नहीं करना होगा। DICGC और लिक्विडेटर मिलकर प्रक्रिया को पूरा करते हैं और राशि सीधे खातों में भेजी जाती है।
यह मामला एक बार फिर से याद दिलाता है कि छोटे सहकारी बैंकों में पैसा जमा करने से पहले पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।





