भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बच्चों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब 10 साल और उससे ऊपर के बच्चे भी अपना बैंक खाता खोल सकते हैं। इस फैसले के बाद बच्चों को अपने नाम पर एटीएम कार्ड और चेक बुक भी मिल सकता है, और वे खुद अपने खाते में पैसे जमा कर सकते हैं और खर्च भी कर सकते हैं।
✅ इसका बच्चों के लिए क्या मतलब है?
अब 10 से 17 साल तक के बच्चे:
- अपने नाम पर बैंक खाता खोल सकते हैं।
- उन्हें एटीएम कार्ड और चेक बुक मिल सकती है।
- वे खुद पैसे जमा और निकाल सकते हैं।
- वे अपनी फाइनेंशियल मैनेजमेंट को आसानी से समझ सकते हैं, हालांकि बैंक उन्हें मार्गदर्शन देगा।
यह कदम बच्चों में वित्तीय शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले, बैंक खाता खोलने की कानूनी उम्र 18 साल थी, लेकिन अब इसे 10 साल कर दिया गया है।
💡 यह क्यों महत्वपूर्ण है?
- बच्चों में जल्दी वित्तीय शिक्षा और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
- बच्चे सपोर्टिव गाइडेंस के साथ पैसे बचाने, खर्च करने और निवेश करने की क्षमता को विकसित कर सकते हैं।
- यह कदम आने वाली पीढ़ी को फाइनेंशियल लिटरेसी में सक्षम बनाने के लिए उठाया गया है।
🎯 आगे क्या होगा?
इस फैसले के बाद बच्चे बैंकिंग सिस्टम से जुड़ेंगे, और भविष्य में फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस की दिशा में आवश्यक कौशल हासिल करेंगे। यह नन्हे निवेशकों के लिए नए रास्ते खोलने जैसा साबित हो सकता है, जो जल्द ही म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक्स और अन्य निवेश विकल्पों की ओर भी कदम बढ़ा सकते हैं, जब तक वे अपने अभिभावकों के मार्गदर्शन में रहें।





