Rule Changes: एलपीजी गैस से लेकर फोन पर OTP आने तक, 1 दिसंबर से बदलने जा रहे ये नियम

PC: timesbull

दिसंबर महीना आने वाला है और नए महीने का मतलब है अलग-अलग चीजों के नियमों में बदलाव। इस बार भी कोई अपवाद नहीं होगा। हर महीने की तरह दिसंबर के पहले दिन भी एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत और क्रेडिट कार्ड के नियमों समेत कई बदलाव होने जा रहे हैं, जिसका आम आदमी की जेब और जिंदगी पर सकारात्मक और नकारात्मक असर पड़ेगा। सबसे खास स्कैम और फिशिंग गतिविधियों को रोकने के लिए ट्राई 1 दिसंबर 2025 से एक नया नियम लागू करने जा रहा है, जिसके बाद आपको फर्जी ओटीपी और अनचाहे कमर्शियल मैसेज नहीं मिलेंगे।

दिसंबर में बदल सकते हैं गैस सिलेंडर के दाम

हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी के दाम बदलते हैं। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों के साथ ही तेल बाजार कंपनियां हर महीने एयर टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ), सीएनजी और पीएनजी के दाम में संशोधन करती हैं। अक्टूबर में गैस कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 48 रुपये की बढ़ोतरी की थी, लेकिन घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया था। इससे पहले अगस्त और सितंबर महीने में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी हुई थी। अगस्त में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 8.50 रुपये और सितंबर में 39 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

एसबीआई के क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव

देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) अब दिसंबर से क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव करने जा रहा है। 1 दिसंबर 2024 से इसके 48 क्रेडिट कार्ड डिजिटल गेमिंग प्लेटफॉर्म या मर्चेंडाइज से जुड़े ट्रांजैक्शन पर रिवॉर्ड प्वाइंट नहीं देंगे।

इससे पहले भी 1 नवंबर 2024 को कई नियमों में बदलाव किया गया था। इसमें एसबीआई का क्रेडिट कार्ड के जरिए एक स्टेटमेंट साइकिल में 50,000 रुपये से ज्यादा के यूटिलिटी बिल भुगतान पर 1% अतिरिक्त चार्ज लगाने का फैसला शामिल है; हालांकि, 50,000 रुपये से कम के यूटिलिटी बिल भुगतान पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा।

ट्राई के नियमों में बदलाव

दरअसल, ट्राई की ओर से कमर्शियल मैसेज और ओटीपी से जुड़े ट्रेसेबिलिटी नियम को लागू करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। ट्राई ओटीपी मैसेज की ट्रेसेबिलिटी लागू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों के पास 31 अक्टूबर तक का समय था। जियो, एयरटेल, वीआई और बीएसएनएल की मांग के बाद कंपनी ने इसकी समयसीमा 31 नवंबर तक बढ़ा दी थी। अब जबकि इसकी समयसीमा नवंबर में खत्म होने जा रही है, टेलीकॉम कंपनियों को कमर्शियल मैसेज और ओटीपी मैसेज को ट्रैक करने के लिए ट्रेसेबिलिटी नियम लागू करना होगा। इस नियम को लागू करने की आखिरी तारीख अब 1 दिसंबर तय की गई है। हाल ही में ट्राई की तरफ से सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को एक नया आदेश दिया गया था। इसमें कहा गया है कि वे नेटवर्क की उपलब्धता से जुड़ी सभी जानकारी वेबसाइट पर प्रकाशित करें।