Stamp Duty Rules: प्रॉपर्टी खरीदते समय पत्नी को जॉइंट ओनर बनाकर बचाएं भारी स्टांप ड्यूटी

नई दिल्ली: क्या आप जानते हैं कि प्रॉपर्टी खरीदते वक्त यदि आप अपनी पत्नी को जॉइंट ओनर बना लेते हैं तो आप स्टांप ड्यूटी में भारी बचत कर सकते हैं? आइए जानें कैसे!

पत्नी को जॉइंट ओनर बनाकर स्टांप ड्यूटी में कैसे बचत करें

प्रॉपर्टी खरीदते वक्त स्टांप ड्यूटी का भुगतान करना जरूरी है क्योंकि यह रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करता है। लेकिन कई राज्यों में यदि आप अपनी पत्नी या किसी महिला सदस्य को जॉइंट ओनर बनाते हैं, तो आप स्टांप ड्यूटी में बहुत सी बचत कर सकते हैं।

स्टांप ड्यूटी नियम राज्यों के हिसाब से अलग-अलग होते हैं

स्टांप ड्यूटी एक राज्य का विषय है, जिसका मतलब है कि हर राज्य के नियम और दरें अलग होती हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली में महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी दर पुरुषों से कम होती है। जहां पुरुषों को 6% स्टांप ड्यूटी देना पड़ता है, वहीं महिलाओं को 4% दर पर यह मिलती है। महाराष्ट्र में भी महिलाओं को पुरुषों की तुलना में 1% की छूट मिलती है।

अन्य राज्यों में भी छूट

राजस्थान, उत्तर प्रदेश (UP), हरियाणा और झारखंड जैसे राज्यों में भी महिलाओं को स्टांप ड्यूटी में छूट या कम दरें मिलती हैं:

  • राजस्थान: 2025 बजट में पति-पत्नी के जॉइंट प्रॉपर्टी पर 0.5% की छूट देने की घोषणा की गई है, जो ₹50 लाख तक के प्रॉपर्टी के लिए लागू होगी। साथ ही, पावर ऑफ अटॉर्नी पर भी अब बहू और पोते-पोतियों को छूट मिलेगी।

स्टांप ड्यूटी कैसे तय होती है?

स्टांप ड्यूटी की दर प्रॉपर्टी की कीमत पर निर्भर करती है। जितनी अधिक कीमत होगी, उतनी ही अधिक स्टांप ड्यूटी लगेगी। इसे मार्केट वैल्यू या सर्कल रेट के आधार पर तय किया जाता है, जिसे राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है। आमतौर पर शहरी इलाकों में स्टांप ड्यूटी ग्रामीण इलाकों से अधिक होती है।

आपको क्या करना चाहिए?

स्टांप ड्यूटी में बचत का लाभ उठाने के लिए प्रॉपर्टी खरीदते वक्त अपनी पत्नी को जॉइंट ओनर बनाएं। न केवल इससे आपकी स्टांप ड्यूटी घटेगी, बल्कि आपकी पत्नी को प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी भी मिलेगी, जो लंबी अवधि में फायदेमंद हो सकती है।

(नोट: हमेशा स्थानीय राज्य के नियमों की जांच करें क्योंकि वे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग हो सकते हैं।)