Taxpayers ध्यान दें! ITR फाइलिंग को लेकर आया बड़ा बदलाव, जानें क्या रखें तैयार

नया वित्त वर्ष शुरू हो चुका है, और साथ ही आयकर रिटर्न दाखिल करने का मौसम भी आ गया है। आयकर विभाग जल्द ही वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म्स जारी करने जा रहा है। ऐसे में देश के लाखों करदाताओं के लिए यह ज़रूरी हो गया है कि वे समय रहते अपने दस्तावेजों को व्यवस्थित कर लें ताकि ITR फाइलिंग बिना किसी गलती के, सरलता से हो सके।

🧾 फॉर्म 16 के PART A में क्या होता है?

ITR फाइलिंग की प्रक्रिया में Form 16 एक मुख्य दस्तावेज़ होता है। इसका Part A उन सभी विवरणों को दर्शाता है जो आपके नियोक्ता (Employer) द्वारा आपके वेतन से काटे गए टैक्स से संबंधित होते हैं।

इसमें निम्नलिखित जानकारी शामिल होती है:

  • कर्मचारी का नाम, पता और PAN नंबर
  • नियोक्ता का TAN (Tax Deduction & Collection Account Number) और PAN
  • तिमाही आधार पर काटे और जमा किए गए टैक्स की पूरी जानकारी

Form 16 का यह भाग Tax Verification के लिए बहुत अहम होता है क्योंकि इससे कर्मचारी अपनी सैलरी स्लिप में दिए गए टैक्स डिडक्शन को क्रॉस-चेक कर सकता है।

📌 क्यों ज़रूरी है सही दस्तावेज़ी तैयारी?

जैसे-जैसे ITR फाइलिंग की डेडलाइन नजदीक आएगी, आयकर विभाग की प्रक्रिया और भी सख्त होती जाएगी। अगर आपके पास आवश्यक दस्तावेज़ पहले से तैयार नहीं हैं, तो अंतिम समय में गलती या जुर्माना लगने का खतरा बढ़ सकता है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची में शामिल हैं:

  • Form 16 (Part A और Part B दोनों)
  • बैंक स्टेटमेंट्स
  • निवेश से जुड़ी जानकारी (80C, 80D आदि)
  • पिछले साल के ITR की कॉपी
  • अन्य आय के स्रोत (जैसे किराया, FD ब्याज आदि)

🔁 क्या बदल गया है इस बार?

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कुछ ITR फॉर्म में संशोधन होने की संभावना है। साथ ही, डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया को सरल और तेज़ किया जा रहा है, जिससे पेपरलेस फाइलिंग को बढ़ावा मिले।

इसके अलावा, AIS (Annual Information Statement) और TIS (Taxpayer Information Summary) के माध्यम से करदाता अब अपनी फाइनेंशियल जानकारी को पहले से देख और जांच सकते हैं।

  1. सभी जरूरी दस्तावेज समय से इकट्ठा करें।
  2. PAN और Aadhaar को लिंक करें।
  3. AIS/TIS स्टेटमेंट को ध्यान से जांचें।
  4. गलतियों से बचने के लिए ITR भरने में जल्दबाज़ी न करें।
  5. अगर आवश्यक हो, तो किसी कर सलाहकार से मार्गदर्शन लें।