Vastu Tips-  भूलकर भी इस दिशा में सिर रखकर ना सोएं, बीमारियां और मृत्यु का रहता हैं खतरा

By Jitendra Jangid- हिंदू धर्म में वास्तुशास्त्र का बहुत अधिक महत्व हैं, इसके प्राचीन विज्ञान का इस्तेमाल कर लोग अपने जीवन से नकारात्मकता दूर करते हैं और सकारात्मकता लाते हैं, ऐसे में अगर हम बात करें सोने की तो वास्तु के अनुसार, बिस्तर की गलत स्थिति कई समस्याओं को जन्म दे सकती है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करती है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बिस्तर किस दिशा में होना चाहिए इस बारे में बताएंगे-

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दीवारों के सापेक्ष बिस्तर की स्थिति:

बिस्तर को सीधे दीवार से सटाकर रखने से बचें। बिस्तर और दीवार के बीच कम से कम 6 इंच का अंतर छोड़ने की सलाह दी जाती है। इससे ऊर्जा का मुक्त प्रवाह होता है और यह सुनिश्चित होता है कि बिस्तर के चारों ओर कंपन बाधित न हो।

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बेडरूम में बिस्तर की दिशा:

बेडरूम में बिस्तर रखने के लिए आदर्श दिशा कमरे की दक्षिण-पश्चिम दिशा है। यह दिशा कमरे में सोने वाले लोगों के लिए स्थिरता, सकारात्मकता और शक्ति लाती है। दक्षिण-पश्चिम कोना सबसे अनुकूल माना जाता है क्योंकि यह पृथ्वी की चुंबकीय शक्तियों के साथ संरेखित होता है, जो आरामदायक नींद और समग्र कल्याण को बढ़ावा देता है।

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आपके सिर और पैरों की स्थिति:

वास्तु सलाह देता है कि सोते समय सिर दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखना चाहिए, जबकि पैर उत्तर की ओर होने चाहिए। यह स्थिति अच्छे स्वास्थ्य, आरामदायक नींद और मानसिक शांति को बढ़ावा देती है। दूसरी ओर, अपने पैरों को दक्षिण की ओर करके कभी न सोएं, क्योंकि इसे वास्तु में अत्यधिक अशुभ माना जाता है।

उत्तर दिशा में सिर रखकर सोने से बचें: उत्तर दिशा में सिर रखकर सोने से भी बचना चाहिए। इससे नींद में खलल पड़ सकता है और आपके जीवन में नकारात्मकता आ सकती है, क्योंकि यह दिशा चुंबकीय क्षेत्रों से जुड़ी होती है जो बेचैनी पैदा कर सकती है और मानसिक स्पष्टता को प्रभावित कर सकती है।