Vastushastra : इन तीन मूर्तियों को कभी भी घर में न रखें, नहीं तो आप हो जाएंगे गरीब और घर में हमेशा होंगे झगड़े

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वास्तु शास्त्र के अनुसार, आपके आस-पास की चीज़ों का आप पर असर पड़ता है। यह असर पॉज़िटिव या नेगेटिव हो सकता है। जब किसी चीज़ का आपकी ज़िंदगी पर नेगेटिव असर पड़ता है, तो आपकी ज़िंदगी में कई परेशानियाँ आ सकती हैं। जैसे, अगर आपके पति-पत्नी की आपस में नहीं बनती, घर में झगड़े होते हैं, अचानक कोई बड़ी पैसे की तंगी आ जाती है, ये आम नतीजे हैं। लेकिन जब किसी चीज़ का आपकी ज़िंदगी पर पॉज़िटिव असर पड़ता है, तो आपकी ज़िंदगी बदल जाती है। आपको तरक्की के मौके मिलते हैं, आपके घर में सुख-शांति बनी रहती है, और घर में पैसे की तंगी आती है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ मूर्तियाँ ऐसी होती हैं जिन्हें घर में रखना सही नहीं माना जाता, उनके पीछे कई वजहें होती हैं, आज हम ऐसी ही कुछ मूर्तियों के बारे में जानने जा रहे हैं।

शनि देव की मूर्ति – वास्तु शास्त्र कहता है कि भगवान के घर में कभी भी शनि देव की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए, या घर में शनि देव की फ़ोटो नहीं होनी चाहिए। इसके पीछे वजह यह है कि शनि देव की नज़र वक्र होती है, और जिस इंसान पर शनि देव की वक्र नज़र होती है, उसकी ज़िंदगी में परेशानियाँ आने लगती हैं। इसलिए शनि देव के दर्शन करते समय कभी भी सामने से नहीं, बल्कि बगल से ही करने चाहिए। और जो मूर्ति हम देव घर में रखते हैं, वह सामने से ही होती है, इसलिए वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि देव घर में शनि देव की मूर्ति नहीं होनी चाहिए।

दाएं मुखी गणेश – घर में दाएं मुखी गणेश होना बहुत शुभ माना जाता है, लेकिन इसका नियम बहुत सख्त होता है, अगर सभी नियमों का ठीक से पालन न किया जाए तो घर में परेशानियां आने लगती हैं, इसलिए माना जाता है कि घर में दाएं मुखी गणेश नहीं होने चाहिए।

नटराज की मूर्ति – नटराज की मूर्ति घर में नहीं रखनी चाहिए, वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि इससे घर में बिना वजह झगड़े होते हैं।