क्या अब गोल्ड लोन लेना होगा मुश्किल? RBI ने बनाए सख्त नियम — जानिए नए ड्राफ्ट की पूरी डिटेल
- bySagar
- 14 Apr, 2025
भारत में सोना न केवल गहनों के रूप में प्रिय है, बल्कि यह एक सुरक्षित निवेश और ज़रूरत के समय लोन पाने का आसान साधन भी माना जाता है। हालांकि, गोल्ड लोन लेने वालों के लिए अब बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गोल्ड लोन से जुड़े नियमों को लेकर एक नया ड्राफ्ट जारी किया है, जो आने वाले समय में लोन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव ला सकता है।
नए नियमों में क्या है खास?
RBI के इस ड्राफ्ट के अनुसार अब किसी भी ग्राहक के लिए एक किलोग्राम से ज्यादा गहनों पर लोन लेना संभव नहीं होगा। यानी, चाहे आपके पास इससे ज्यादा सोना हो, बैंक या फाइनेंशियल कंपनी सिर्फ एक किलो सोने तक ही लोन की अनुमति दे सकेगी।
इसके अलावा, ड्राफ्ट में लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेश्यो को लेकर भी सख्ती का प्रस्ताव है। इसका मतलब यह है कि सोने की कीमत के अनुपात में ग्राहक को मिलने वाला लोन अब पहले से कम हो सकता है। यह कदम बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने और जोखिम कम करने के लिए उठाया जा रहा है।
गोल्ड लोन सेक्टर पर असर
नुवामा रिसर्च के मुताबिक, RBI के इस फैसले से गोल्ड फाइनेंस सेक्टर की ग्रोथ पर सीधा असर पड़ेगा, खासकर उन कंपनियों पर जो गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लोन की सीमा और LTV में सख्ती से गोल्ड लोन पर निर्भर ग्राहकों को सावधानी से आगे बढ़ना होगा। बैंकों और NBFCs को भी अपने मौजूदा लोन प्रोडक्ट्स और शर्तों में बदलाव करना पड़ सकता है।
क्यों उठाया गया ये कदम?
RBI का यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा और फाइनेंशियल सेक्टर में स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। COVID-19 महामारी के बाद देश में गोल्ड लोन की मांग तेजी से बढ़ी थी। इस तेजी ने लोन प्रोसेस की पारदर्शिता और जोखिम नियंत्रण पर सवाल खड़े कर दिए थे।
नए नियमों के तहत ग्राहकों को सोच-समझकर लोन प्लानिंग करनी होगी, ताकि वित्तीय जोखिम से बचा जा सके।
ग्राहकों के लिए क्या है असर?
अगर यह ड्राफ्ट फाइनल नियमों में बदलता है तो बड़े अमाउंट का गोल्ड लोन लेना पहले की तुलना में मुश्किल हो जाएगा। खासतौर पर वे लोग जो बिजनेस एक्सपैंशन या इमरजेंसी में सोने पर ज्यादा लोन लेते थे, अब उन्हें सीमा में रहना होगा।
इसके अलावा ब्याज दरों और लोन प्रोसेसिंग में भी बदलाव संभव है, क्योंकि बैंकों और NBFCs को नए नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
RBI का यह प्रस्तावित बदलाव भारत के गोल्ड लोन बाजार में पारदर्शिता और स्थिरता लाने की दिशा में एक अहम कदम है। हालांकि, इससे गोल्ड लोन पर निर्भर ग्राहकों को थोड़ा असुविधा हो सकती है, लेकिन यह वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से जरूरी फैसला माना जा रहा है।
ग्राहकों और फाइनेंशियल कंपनियों दोनों को अब इस ड्राफ्ट पर अंतिम आदेश का इंतजार करना होगा, जो भविष्य में गोल्ड लोन की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है।






