Astrology: आखिर क्यों तुलसी के पत्ते चबा कर खाने की क्यों है मनाही, शास्त्रों में बताया गया है ये कारण
- bySagar
- 18 Nov, 2024
pc: indianews
आपने ये कई बार सुना होगा कि तुलसी को चबा कर नहीं खानी चाहिए। पुराणों में इस बारे में जानकारी दी गई है। इसके पीछे कई धार्मिक और वैज्ञानिक कारण बताए गए हैं। इन्ही के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
धार्मिक कारण
भगवान विष्णु से संबंध:
तुलसी को हिन्दू धर्म में पवित्र माना गया है और इसे भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है। तुलसी को भगवान विष्णु की पत्नी तुलसी (Vrinda) का रूप माना गया है, इसलिए इसे सीधे चबा कर खाने से उनकी पत्नी का अपमान माना जाता है। तुलसी के पत्तों को सम्मानपूर्वक ही ग्रहण करना चाहिए।
शास्त्रों में नियम:
शास्त्रों के अनुसार तुलसी का सेवन श्रद्धा और आस्था के साथ करना चाहिए। जब आप तुलसी के पत्ते तोड़ते हैं तो आपको ‘श्री’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इसे चबाने के बजाय आपको पानी से निगलना चाहिए।
वैज्ञानिक कारण
पारे की उपस्थिति:
तुलसी के पत्तों में पारे जैसे तत्व होते हैं। अगर आप इन्हे सीधे चबाया जाए तो इस से दांतों को नुकसान पहुँचता हैं। पारा एक भारी धातु है, और इसे सीधे चबाने से दांतों के एनामेल पर असर पड़ सकता है।
पत्तियों की बनावट:
तुलसी के पत्तों की बनावट थोड़ी खुरदरी होती है, जिसे सीधे चबाने पर गले में जलन या तकलीफ हो सकती है। तुलसी का जूस बनाकर या पानी के साथ निगलकर पीना गले और पाचन तंत्र के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है। यह तरीका बिना किसी शारीरिक परेशानी के इसके पोषक तत्वों के अवशोषण को सुनिश्चित करता है।






