General Knowledge- नोटों पर गांधी जी से पहले किसकी तस्वीर थी, आइए जानें

By Jitendra Jangid- दोस्तो हमने जब से जन्म लिया हैं हमने नोटों पर महात्मा गांधी जी की तस्वीर देखी हैं, लेकिन अक्सर मेरे मन में या आपके मन में एक सवाल उठता होगा कि गांधी जी से पहले नोटों पर किसकी तस्वीर थी, तो आपको बता दें कि भारतीय स्वतंत्रता से पहले ब्रिटिश राजा की तस्वीर पोपी होती थी, जो उस समय भारत पर इंग्लैंड के शासन का प्रतीक था। लेकिन 1947 में स्वतंत्रता संग्राम के बाद देशवासियों की इच्छा थी कि अब उनके महान नेताओं की तस्वीरें हों। आइए जानते हैं विस्तार से

ब्रिटिश शासन का प्रतीक - आज़ादी से पहले सभी सिक्कों पर ब्रिटिश राजा की तस्वीर थी।

आजादी के बाद बदलाव की शुरुआत - 1947 में आजादी के बाद महात्मा गांधी की तस्वीर की मांग हुई, लेकिन फैसले में समय लग गया।

अशोक स्तम्भ का आगमन - ब्रिटिश राजा के स्थान पर निर्णय होने तक अशोक स्तम्भ का मुद्रण किया गया।

1949 में पहला बदलाव - 1 रुपये के नोट पर अशोक स्तंभ का डिज़ाइन जारी हुआ।

लैंग्वेज को मिली मशीनरी - 1953 में डॉक पर हिंदी लैंग्वेज को प्रमुखता दी गई।

बड़े सिक्कों की वापसी - 1954 में ₹1000, ₹5000 और ₹10,000 के बड़े नोट से वोग में आए, जिन पर तंजावुर मंदिर, गेटवे ऑफ इंडिया और अशोक स्तंभ जैसे प्रसिद्ध स्थानों की तस्वीरें थीं।

गांधी जी का पहला स्मारक नोट - 1969 में गांधी जयंती के 100 साल पूरे होने पर पूरे ₹100 का स्मारक नोट जारी हुआ, जिसमें पहली बार महात्मा गांधी की तस्वीर थी।

आज का दौर - तब से अब तक सभी भारतीय दस्तावेजों पर महात्मा गांधी की तस्वीरों का लगातार उपयोग हो रहा है।

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