Health Tips- क्या तनाव बन सकता हैं कब्ज का कारण, जानिए सच्चाई

दोस्तो आज के अधिकांश युवा अपने कामकाज औऱ जिम्मेदारियों से इतने घिरे हुए हैं कि तनाव से ग्रसित रहते हैं, तनाव हम सबके जीवन का अहम हिस्सा बन गया हैं, जो आपके मूड को तो स्विंग करता ही हैं, साथ ही आपके पाचन पर भी गहरा प्रभाव डालता हैं, हमारा दिमाग और डाइजेस्टिव सिस्टम हज़ारों नर्व एंडिंग से जुड़े होते हैं, इसलिए जब दिमाग स्ट्रेस में होता है, तो इसका सीधा असर पेट पर पड़ता है, आइए जानते हैं तनाव का असर- 

धीमा डाइजेशन

जब हम स्ट्रेस में या एंग्जायटी में होते हैं, तो शरीर "फाइट ऑर फ्लाइट" मोड में चला जाता है। इससे डाइजेस्टिव सिस्टम में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है और पॉटी की स्पीड धीमी हो जाती है।

हार्मोनल बदलाव

स्ट्रेस के दौरान, शरीर कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन रिलीज़ करता है। ये हार्मोन आंतों की मसल्स के सिकुड़ने पर असर डालते हैं।

इर्रेगुलर लाइफस्टाइल

स्ट्रेस में रहने वाला व्यक्ति अक्सर कम पानी पीता है, नींद की कमी से परेशान रहता है और जंक फूड खाता है। ये सभी आदतें मिलकर कब्ज़ को और खराब कर सकती हैं।

क्या करें?

कब्ज से राहत पाने के लिए सिर्फ़ दवा काफ़ी नहीं है; योग, मेडिटेशन और अच्छी नींद से स्ट्रेस कम करना भी उतना ही ज़रूरी है।