Health Tips- पाचन संबंधी समस्याएं कैसे डालती हैं मानसिक स्वास्थ्य पर असर, आइए जानें

दोस्तो आज के दूषित वातावरण में गैस, पेट फूलना, कब्ज़, दस्त और अपच जैसी पाचन संबंधी समस्याएं आम हो गई हैं। साथ ही, बढ़ता तनाव, एंग्जायटी (बेचैनी) और मानसिक थकान सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। भले ही ये समस्याएं अलग-अलग लगें, लेकिन पाचन तंत्र और दिमाग आपस में गहराई से जुड़े होते हैं और लगातार एक-दूसरे से संपर्क में रहते हैं। खराब पाचन स्वास्थ्य मानसिक सेहत पर असर डाल सकता है, जबकि तनाव और एंग्जायटी पाचन संबंधी विकार पैदा कर सकते हैं। इस संबंध को समझने से आपको अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत का बेहतर ध्यान रखने में मदद मिल सकती है, आइए जानते हैं इसके बारे में अधिक जानकारी- 

गट-ब्रेन एक्सिस क्या है?

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK), NIH के अनुसार, आंत और दिमाग एक कम्युनिकेशन नेटवर्क के ज़रिए जुड़े होते हैं जिसे 'गट-ब्रेन एक्सिस' कहा जाता है। यह दोतरफा कम्युनिकेशन दिमाग और पाचन तंत्र को लगातार सिग्नल का आदान-प्रदान करने की सुविधा देता है।

नतीजतन:

मानसिक तनाव और एंग्जायटी पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

पाचन संबंधी विकार मूड और भावनात्मक सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं।

इस संबंध को बनाए रखने में गट बैक्टीरिया (गट माइक्रोबायोटा), हार्मोन, नसें और इम्यून सिस्टम सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसके असर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों में हल्के लक्षण दिखते हैं, जबकि दूसरों में पाचन या मानसिक सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

ऐसे संकेत जिनसे पता चलता है कि आपका गट-ब्रेन कनेक्शन प्रभावित हो सकता है

जब आंत और दिमाग के बीच कम्युनिकेशन में रुकावट आती है, तो व्यक्ति को पाचन और मानसिक सेहत से जुड़े लक्षण महसूस हो सकते हैं।

पाचन संबंधी लक्षण

गैस और पेट फूलना

कब्ज़

दस्त

पेट दर्द

अपच

भूख में बदलाव

मानसिक सेहत से जुड़े लक्षण

तनाव बढ़ना

एंग्जायटी (बेचैनी)

चिड़चिड़ापन

मूड में उतार-चढ़ाव

नींद में परेशानी

ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई

ध्यान रखें कि ये लक्षण अन्य मेडिकल स्थितियों के कारण भी हो सकते हैं। यदि ये लक्षण बने रहते हैं या बिगड़ जाते हैं, तो सही जांच और इलाज के लिए हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह लें।

अपनी आंत और दिमाग को स्वस्थ कैसे रखें

स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से पाचन और मानसिक सेहत दोनों में सुधार हो सकता है।

संतुलित आहार लें

फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं।

स्वस्थ गट बैक्टीरिया को बढ़ावा देने के लिए दही और फर्मेंटेड (खमीर वाले) खाद्य पदार्थों जैसे प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें।

दिन भर खूब पानी पिएं। शारीरिक रूप से एक्टिव रहें

नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने से पाचन ठीक रहता है और साथ ही तनाव और एंग्जायटी (बेचैनी) भी कम होती है।

तनाव को सही ढंग से मैनेज करें

योग

ध्यान (मेडिटेशन)

गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज़

माइंडफुलनेस प्रैक्टिस

पूरी नींद लें

अच्छी नींद लेने से दिमाग के काम करने की क्षमता और पाचन स्वास्थ्य, दोनों बेहतर रहते हैं।

नुकसानदायक आदतों से बचें

 

स्मोकिंग छोड़ दें।

बहुत ज़्यादा शराब पीने से बचें।

पाचन या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी लगातार बनी रहने वाली समस्याओं के लिए खुद से दवा लेने (सेल्फ-मेडिकेशन) से बचें।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर पाचन से जुड़ी समस्याएं या एंग्जायटी, तनाव, नींद की समस्या या मूड में बदलाव जैसे लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। जल्दी पता चलने से समस्या की असली वजह का पता लगाया जा सकता है और जटिलताओं को रोका जा सकता है।