Health Tips- स्पर्म काउंट की इतनी कम संख्या से हो सकती हैं फर्टिलिटी की समस्या, जानिए पूरी डिटेल्स

By Jitendra Jangid- दोस्तो आज के दुषित वातावरण में अधिकांश युवा प्रजनन क्षमता कम होने से परेशान हैं, कम शुक्राणुओं की संख्या न केवल गर्भधारण को मुश्किल बना सकती है, बल्कि अन्य अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़ी हो सकती है। ऐसे में आपको पता होना चाहिए कि कितनी स्पर्म काउंट की संख्या के बाद फर्टिलिटी की समस्या हो सकती हैं, आइए जानते हैं इसके बारें मे-

कम शुक्राणुओं की संख्या किसे माना जाता है?

वीर्य के प्रति मिलीलीटर 1.5 करोड़ से कम शुक्राणुओं की संख्या कम मानी जाती है। इस स्थिति को चिकित्सकीय रूप से ओलिगोस्पर्मिया कहा जाता है।

स्वस्थ शुक्राणुओं की संख्या:

एक स्वस्थ पुरुष में आमतौर पर प्रति मिलीलीटर 1.5 करोड़ से 20 करोड़ शुक्राणुओं की संख्या होती है।

प्रजनन क्षमता पर प्रभाव:

कम शुक्राणुओं की संख्या प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की संभावनाओं को काफी कम कर सकती है और इसके लिए चिकित्सकीय मूल्यांकन की आवश्यकता हो सकती है।

शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने वाले पोषक तत्व:

विटामिन सी, विटामिन डी, ज़िंक, फोलिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार स्वस्थ शुक्राणु उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं।

अनुशंसित खाद्य पदार्थ:

शुक्राणुओं के स्वास्थ्य को प्राकृतिक रूप से बढ़ावा देने के लिए अपने दैनिक आहार में फल, सब्ज़ियाँ, मेवे और साबुत अनाज शामिल करें।

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