Income Tax Alert: नकद लेनदेन की सीमा से अधिक होने पर 100% तक जुर्माना लग सकता है, ध्यान रखें

आयकर विभाग ने नकद लेनदेन पर कड़ी निगरानी रखी है और कानून के तहत निर्धारित सीमा से अधिक नकद लेनदेन करने पर 100% जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है। यदि आप इस सीमा का उल्लंघन करते हैं, तो आपको दंड स्वरूप नकद में किए गए लेनदेन का समान राशि के बराबर जुर्माना भरना होगा।

क्या है नकद लेनदेन पर आयकर विभाग के नियम?

आयकर अधिनियम, 1961 के तहत नकद लेनदेन के लिए एक सीमा निर्धारित की गई है, ताकि सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे सके। इसके अलावा, आयकर विभाग ने ऐसे लेनदेन पर किसी भी प्रकार की छूट, भत्तों या खर्चों की अनुमति नहीं दी है।

आयकर विभाग ने 2 जनवरी 2025 को जारी किए गए एक ब्रोशर में "नकद लेनदेन को न कहें" की सलाह दी है। इसमें नकद लेनदेन की सीमा, लेनदेन के प्रकार और इसे लागू करने वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी दी गई है।

क्या हैं नकद लेनदेन की सीमाएं?

  1. धारा 269SS:
    • ऋण, जमा या अन्य निर्धारित रकम का नकद में लेना:
      कोई भी व्यक्ति ₹20,000 या उससे अधिक की रकम नकद में नहीं ले सकता। यदि यह नियम उल्लंघित होता है तो जुर्माना ऋण या जमा की गई राशि के बराबर होगा।
  2. धारा 269ST:
    • रूपये 2 लाख या उससे अधिक की रकम एक दिन में नकद में लेना:
      किसी भी व्यक्ति को रूपये 2 लाख से अधिक की रकम एक दिन में नकद में नहीं लेनी चाहिए। यह नियम सभी व्यक्तियों पर लागू होता है, चाहे वह करदाता हों या नहीं।
      • नकद लेनदेन पर जुर्माना: यदि यह नियम उल्लंघित होता है, तो जुर्माना लेनदेन की पूरी रकम के बराबर होगा।
  3. धारा 269T:
    • ₹20,000 या उससे अधिक की नकद में भुगतान:
      यदि आप ₹20,000 या उससे अधिक का भुगतान नकद में करते हैं, तो यह नियम लागू होगा। सरकार, बैंक या पोस्ट ऑफिस इस नियम से बाहर हैं।
      • नकद भुगतान पर जुर्माना: अगर यह नियम उल्लंघित होता है, तो जुर्माना नकद भुगतान की पूरी राशि के बराबर होगा।
  4. धारा 269SU:
    • इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की सुविधा प्रदान करना:
      जिनकी वार्षिक टर्नओवर ₹50 करोड़ से अधिक है, उन्हें इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के तरीके अपनाने की सुविधा प्रदान करनी होगी।
      • जुर्माना: इस नियम का उल्लंघन करने पर रोज़ाना ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।

नकद लेनदेन पर जुर्माना क्यों?

सरकार का उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना है और नकद लेनदेन को कम करना है, ताकि देश में वित्तीय पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके तहत आयकर विभाग ने नकद लेनदेन पर कड़ी निगरानी रखी है। यदि आप इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो जुर्माना के अलावा, आपके खिलाफ कर विभाग कार्रवाई भी कर सकता है।

सावधानी बरतें: नकद लेनदेन से बचें और अगर आपको कोई भुगतान या लेनदेन करना हो तो डिजिटल माध्यमों का ही उपयोग करें।