आयकर विभाग अब आपके मासिक घरेलू खर्च का ब्योरा मांग सकता है, जानिए क्यों

आयकर विभाग अब उन लोगों पर नजर रख रहा है जो ज्यादा कमाई करते हैं लेकिन अपने बैंक खाते से बहुत कम पैसा निकालते हैं। ऐसे लोगों को नोटिस भेजकर उनके मासिक खर्चों का पूरा ब्योरा मांगा जा रहा है। सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करना शुरू कर दिया है, और यह कदम उसी योजना का हिस्सा है।

किन खर्चों की जानकारी मांगी जा रही है?

📌 घर का राशन – आटा, चावल, मसाले, तेल
📌 कपड़े, जूते और सौंदर्य प्रसाधन
📌 रेस्तरां में खाना खाने का खर्च
📌 बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्च
📌 गैस सिलेंडर, बिजली बिल, किराया
📌 बाल कटवाने से लेकर अन्य घरेलू खर्च तक की जानकारी

क्यों लिया जा रहा है यह कदम?

📌 टैक्स चोरी रोकने के लिए – कुछ लोग बड़ी रकम कैश में खर्च करते हैं, जिससे सरकार को उनके असली इनकम का पता नहीं चलता।
📌 बेनामी आय पर नजर – कई लोग अपनी आय को छुपाकर कम टैक्स देते हैं, लेकिन उनका लाइफस्टाइल महंगा होता है
📌 डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा – सरकार चाहती है कि लोग कैश की बजाय डिजिटल ट्रांजैक्शन करें, जिससे टैक्स चोरी रुके।

किन लोगों पर पड़ेगा असर?

💼 हाई-इनकम ग्रुप – जिनकी कमाई ज्यादा है, लेकिन बैंक से पैसा निकालने की गतिविधि कम दिखती है।
🏡 महंगे रहन-सहन वाले लोग – जो महंगी गाड़ियां, रेस्तरां और ब्रांडेड सामान खरीदते हैं, लेकिन बैंक से पैसा बहुत कम निकालते हैं।
💰 बेनामी लेनदेन करने वाले – जिनका खर्च और आय में बड़ा अंतर दिखता है।

क्या आपको चिंता करनी चाहिए?

अगर आपकी आय और खर्च में संतुलन है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं
अगर आप महंगी जिंदगी जीते हैं लेकिन बैंक ट्रांजैक्शन कम दिखाते हैं, तो विभाग आपसे जवाब मांग सकता है

निष्कर्ष: अब राशन से लेकर हेयरकट तक हर खर्च पर आयकर विभाग की नजर है। सरकार का यह कदम टैक्स चोरी रोकने के लिए उठाया गया है, जिससे देश में ईमानदारी से टैक्स भरने वालों को नुकसान न हो