देश के 60 रेलवे स्टेशनों पर नया सिस्टम लागू, अब केवल कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही मिलेगा प्रवेश
- bySagar
- 09 Mar, 2025
रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव की अध्यक्षता में गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में रेलवे स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए। देश के 60 प्रमुख स्टेशनों पर अवैध प्रवेश बिंदु सील कर दिए जाएंगे और केवल कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति दी जाएगी।
नई व्यवस्था लागू करने के कारण:
रेलवे मंत्रालय ने महाकुंभ के दौरान देश के 60 प्रमुख स्टेशनों पर अस्थायी रूप से बनाए गए प्रतीक्षालयों को स्थायी बनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य स्टेशन पर भीड़ और भगदड़ को रोकना है। अब केवल कंफर्म टिकट वाले यात्री ही प्लेटफॉर्म पर प्रवेश कर सकेंगे।
कौन से स्टेशन पर लागू होगी यह व्यवस्था?
यह सिस्टम सबसे पहले नई दिल्ली, आनंद विहार, सूरत, वाराणसी, अयोध्या और पटना रेलवे स्टेशनों पर लागू किया जाएगा। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत टिकट केवल ट्रेन की क्षमता के अनुसार ही बेचे जाएंगे। साथ ही, रेलवे कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड भी लागू किया गया है।
महाकुंभ के दौरान सीखी गईं बातें:
महाकुंभ के दौरान दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ की घटना से सबक लेते हुए रेलवे ने यह निर्णय लिया। महाकुंभ में 60 स्टेशनों पर अस्थायी प्रतीक्षालय बनाए गए थे, जिन्होंने सूरत, पटना और नई दिल्ली में भीड़ को नियंत्रित करने में मदद की। अब इन्हें स्थायी बना दिया जाएगा ताकि अचानक से प्लेटफॉर्म पर भीड़ न हो।
क्या बदलाव होंगे:
- अवैध प्रवेश बिंदु बंद होंगे: केवल कंफर्म टिकट वाले यात्री ही प्लेटफॉर्म पर जा सकेंगे।
- प्रतीक्षालय में रोका जाएगा टिकटलेस यात्री: टिकटलेस या वेटलिस्टेड यात्रियों को प्रतीक्षालय में ही रोका जाएगा।
- नई फुट ओवर ब्रिज बनाई जाएगी: प्लेटफॉर्मों के बीच एक नया 12 मीटर लंबा और 6 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज बनाया जाएगा।
- सुरक्षा बढ़ेगी: स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी के लिए बड़े पैमाने पर कैमरे लगाए जाएंगे। "वॉर रूम" भी बनाए जाएंगे ताकि आपात स्थिति में स्थिति को संभाला जा सके।
- रेलवे कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड: रेलवे कर्मचारियों को नए डिजाइन की पहचान पत्र और यूनिफॉर्म दी जाएगी, जिससे प्लेटफॉर्म पर केवल अधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश हो सके।
स्टेशन डायरेक्टर की नियुक्ति:
सिस्टम की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को स्टेशन डायरेक्टर नियुक्त किया जाएगा। ये डायरेक्टर टिकट बिक्री के लिए वित्तीय शक्तियां भी रखेंगे और स्टेशन की क्षमता के अनुसार टिकट बेचने के लिए निर्णय ले सकेंगे।
यह बदलाव यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए किए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अप्रत्याशित स्थिति से बचा जा सके।



