Property Rules: क्या पिता अपनी पूरी संपत्ति बेटे के नाम कर सकते हैं, जानिए क्या कहता हैं कानून
- byJitendra
- 28 Feb, 2026
दोस्तो हमने फिल्मों में देखा हैं कि संपत्ति की वजह से परिवार में झगड़े हो जाते हैं, गुस्से में पिता अपनी पूरी संपत्ति एक बेटे के नाम कर देते हैं, जो आपसी रंजीश के कारण बन जाते हैं, लेकिन अक्सर मन में सवाल आते हैं कि क्या सच में एक पिता अपनी पूरी संपत्ति एक बेटे के ही नाम कर सकता हैं, आइए जानते हैं परी डिटेल्स
1. भारत में प्रॉपर्टी के प्रकार
भारतीय कानून दो मुख्य तरह की प्रॉपर्टी को मानता है:
पैतृक प्रॉपर्टी – यह वह प्रॉपर्टी है जो पीढ़ियों से बिना बंटवारे के आगे बढ़ती है। बच्चों को अपने आप इस प्रॉपर्टी में हिस्सा पाने का हक़ होता है।
खुद से कमाई गई प्रॉपर्टी – वह प्रॉपर्टी जो पिता अपनी कमाई से हासिल करता है, जैसे खरीदा हुआ घर, ज़मीन या बिज़नेस। पिता को इस प्रॉपर्टी को कैसे बांटा जाए, इस पर ज़्यादा आज़ादी होती है।

2. भारतीय कानून के तहत विरासत के नियम
a) खुद से कमाई हुई प्रॉपर्टी
हिंदू सक्सेशन एक्ट, 1956 के तहत, अगर किसी पिता की बिना वसीयत के मौत हो जाती है, तो उसकी खुद से कमाई हुई प्रॉपर्टी उसके क्लास I वारिसों में बराबर बांट दी जाती है, जिसमें उसकी पत्नी, बेटे और बेटियां शामिल हैं। हर वारिस को बराबर हिस्सा मिलता है।
अगर कोई पिता अपनी खुद से कमाई हुई प्रॉपर्टी सिर्फ़ एक बच्चे को देना चाहता है, तो उसे एक कानूनी तौर पर वैलिड वसीयत बनानी होगी, जिसमें साफ़-साफ़ लिखा हो कि किसे क्या विरासत में मिलेगा।
b) पुश्तैनी प्रॉपर्टी
एक पिता बच्चों को पुश्तैनी प्रॉपर्टी से पूरी तरह बेदखल नहीं कर सकता। सभी बच्चे कानूनी वारिस हैं, और प्रॉपर्टी उनके बीच बराबर बांटी जानी चाहिए।
3. कानूनी तौर पर प्रॉपर्टी एक बच्चे को कैसे दें
अगर कोई पिता अपनी खुद की कमाई हुई प्रॉपर्टी किसी खास बच्चे को देना चाहता है:
एक वसीयत का ड्राफ्ट बनाएं – साफ-साफ बताएं कि कौन सी प्रॉपर्टी किस बच्चे को मिलेगी।
वसीयत रजिस्टर करें – वसीयत को नोटरी या रजिस्ट्रार के पास रजिस्टर कराने से यह कानूनी तौर पर वैलिड हो जाती है।
कानून का पालन पक्का करें – याद रखें, पुश्तैनी प्रॉपर्टी को पूरी तरह से बाहर नहीं किया जा सकता, इसलिए सभी बच्चों को उनका कानूनी हिस्सा मिलना चाहिए।

4. खास बातें
एक पिता बच्चों को पुश्तैनी प्रॉपर्टी से बेदखल नहीं कर सकता।
एक पिता अपनी खुद की कमाई हुई प्रॉपर्टी एक बच्चे को दे सकता है, अगर वह एक वैलिड वसीयत बनाता है।
कानूनी वारिस अपने हिस्से के हकदार हैं, और उन्हें मना करने की किसी भी कोशिश को कानूनी तौर पर चुनौती दी जा सकती है।



