फतेहपुर का श्रीगूढ़ेश्वर अखंड धाम: भक्तों की आस्था का केंद्र, मनोकामनाएं पूरी होने पर चढ़ाए जाते हैं घंटें

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के चांदपुर गांव में स्थित श्रीगूढ़ेश्वर अखंड धाम एक प्रमुख शिव मंदिर है, जो अपनी रहस्यमयी उत्पत्ति और भक्तों की इच्छाओं को पूरा करने के कारण प्रसिद्ध है। यह मंदिर नोन नदी के किनारे और पहाड़ियों से घिरा हुआ एक सुंदर स्थल है, जहां भक्त हर साल विशेष रूप से महाशिवरात्रि के दिन शिव की पूजा के लिए आते हैं।

मंदिर से जुड़ी एक पुरानी कथा के अनुसार, यहां पहले एक घना जंगल हुआ करता था, जहां एक चरवाहा मखना निषाद अपनी गायों को लेकर जाता था। एक दिन उसकी गाय ने अपनी दूध देने की प्रक्रिया एक खास जगह पर शुरू कर दी, और जब वहां खुदाई की गई, तो एक अद्भुत शिवलिंग पाया गया। इस घटना के बाद, मंदिर का निर्माण हुआ और यह एक आस्थावान स्थल के रूप में स्थापित हो गया।

यहां आने वाले भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के बाद घंटा चढ़ाने की परंपरा निभाते हैं। विशेष रूप से महाशिवरात्रि और सावन में मंदिर में जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। यहां लोग भगवान शिव से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दूर-दूर से आते हैं।

मंदिर के प्रमुख पुजारी, स्वामी शिव शिवानंद महाराज के अनुसार, भक्तों का विश्वास है कि जो भी इस मंदिर में अपनी इच्छाएं लेकर आता है, उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि और सावन के महीनों में यहां विशेष आयोजन होते हैं और मेलों का आयोजन भी किया जाता है।

पूर्व सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री ने इस मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भेजा था, जिस पर कार्य चल रहा है।