₹1,000 की SIP से ₹5 लाख कैसे बन सकते हैं? समय, रिटर्न और पूरा कैलकुलेशन समझिए

अक्सर निवेशकों को लगता है कि बड़ी पूंजी के बिना बड़ा फंड बनाना संभव नहीं है। लेकिन म्यूचुअल फंड में SIP इस सोच को पूरी तरह बदल देती है। नियमित निवेश और लंबा समय मिलकर छोटी रकम को भी बड़ा बना सकते हैं।

आइए समझते हैं कि ₹1,000 की मासिक SIP से ₹5 लाख का फंड बनने में कितना समय लगेगा और 10%, 12% और 15% रिटर्न पर निवेश का गणित कैसे बदलता है।

SIP क्यों है लॉन्ग-टर्म निवेश का सबसे आसान तरीका

Systematic Investment Plan यानी SIP में हर महीने एक तय रकम निवेश की जाती है। इससे निवेश में अनुशासन बना रहता है और बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है।

सबसे बड़ा फायदा है कंपाउंडिंग, जो समय के साथ आपकी पूंजी को तेजी से बढ़ाती है।

SIP में कंपाउंडिंग कैसे काम करती है

SIP में:

  • पहले किए गए निवेश को ज्यादा समय मिलता है
  • हर नई किस्त पहले से जमा रकम पर जुड़ती है
  • समय बढ़ने के साथ रिटर्न की रफ्तार तेज होती जाती है

इसीलिए जल्दी शुरुआत करना सबसे जरूरी होता है।

10% सालाना रिटर्न पर क्या होगा?

अगर आपकी SIP से औसतन 10% सालाना रिटर्न मिलता है, तो ₹5 लाख का फंड बनने में लगभग 16 साल 6 महीने लगेंगे।

  • मासिक निवेश: ₹1,000
  • कुल निवेश: करीब ₹1.98 लाख
  • कमाई गई रकम: ₹3 लाख से ज्यादा

यह रिटर्न आमतौर पर बैलेंस्ड या कंजरवेट इक्विटी फंड्स में देखा जाता है।

12% सालाना रिटर्न पर कितना समय लगेगा?

12% के औसत रिटर्न पर यह लक्ष्य करीब 15 साल में पूरा हो सकता है।

  • कुल निवेश: लगभग ₹1.80 लाख
  • कुल फंड वैल्यू: ₹5 लाख

लंबे समय में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के लिए 12% रिटर्न को व्यवहारिक माना जाता है।

15% सालाना रिटर्न मिलने पर क्या फर्क पड़ेगा?

अगर बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है और 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो ₹5 लाख का फंड करीब 13 साल 3 महीने में बन सकता है।

  • कुल निवेश: लगभग ₹1.59 लाख
  • रिटर्न से बनी रकम: ₹3.40 लाख से ज्यादा

हालांकि, ज्यादा रिटर्न के साथ उतार-चढ़ाव भी ज्यादा होता है।

पूरा कैलकुलेशन एक नजर में

सालाना रिटर्नसमयकुल निवेशफाइनल फंड
10%16.5 साल₹1.98 लाख₹5 लाख
12%15 साल₹1.80 लाख₹5 लाख
15%13.25 साल₹1.59 लाख₹5 लाख

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी सीख

रकम छोटी हो सकती है, लेकिन समय बड़ा होना चाहिए। SIP में देर करने से वही लक्ष्य पाने के लिए ज्यादा निवेश करना पड़ता है।

SIP करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • निवेश का उद्देश्य पहले तय करें
  • जितना जल्दी शुरू करेंगे, उतना फायदा होगा
  • बाजार गिरने पर SIP बंद न करें
  • ज्यादा रिटर्न के लालच में जरूरत से ज्यादा जोखिम न लें
  • साल में एक बार निवेश की समीक्षा करें

₹1,000 की SIP मामूली लग सकती है, लेकिन समय और कंपाउंडिंग इसे मजबूत फाइनेंशियल फंड में बदल सकती है। अनुशासन और धैर्य के साथ किया गया निवेश ही लंबे समय में सफलता दिलाता है।