एजुकेशन बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं: नए आयुर्वेद AIIMS, डिजाइन स्कूल और हेल्थ एजुकेशन पर जोर

केंद्रीय बजट 2026–27 में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कौशल विकास को नई दिशा देने की कोशिश की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयुर्वेद, एलाइड हेल्थ एजुकेशन, डिजाइन और क्रिएटिव लर्निंग से जुड़े कई अहम प्रस्ताव पेश किए हैं। सरकार का उद्देश्य शिक्षा को रोजगार, वैश्विक मांग और इंडस्ट्री की जरूरतों से सीधे जोड़ना है।

एजुकेशन बजट 2026 की सबसे बड़ी घोषणाओं में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) और तीन अन्य आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना शामिल है। सरकार का मानना है कि COVID-19 महामारी के बाद आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान और स्वीकार्यता मिली है।

आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक पहचान

वित्त मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद और योग जैसी भारतीय चिकित्सा प्रणालियों की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ी है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक अपग्रेड करेगी।

इसके अलावा, जामनगर स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन को भी अपग्रेड करने का प्रस्ताव है, जिससे रिसर्च, ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूती मिलेगी।

एलाइड हेल्थ एजुकेशन का विस्तार

बजट 2026 में 10 नए एलाइड हेल्थ विषय शुरू करने की घोषणा की गई है, जिनमें ऑप्टोमेट्री, एनेस्थीसिया, एप्लाइड साइकोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में लगभग 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षित करना है।

इस पहल से हेल्थ सेक्टर में कुशल मानव संसाधन की कमी दूर होगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

डिजाइन और क्रिएटिव एजुकेशन पर फोकस

एजुकेशन बजट 2026 में पूर्वी भारत में एक नए डिजाइन संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। इस संस्थान का उद्देश्य युवाओं को डिजाइन थिंकिंग, इनोवेशन और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स से जोड़ना है।

इसके साथ ही, मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को सहायता दी जाएगी, जिसके जरिए देश के 15,000 माध्यमिक स्कूलों में कंटेंट लैब बनाई जाएंगी। इन लैब्स में छात्रों को डिजिटल कंटेंट, मीडिया, डिजाइन और क्रिएटिव टूल्स की ट्रेनिंग मिलेगी।

इंडस्ट्रियल हब्स के पास यूनिवर्सिटी टाउनशिप

सरकार प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप को सपोर्ट करेगी। इन टाउनशिप्स में विश्वविद्यालय, कॉलेज, रिसर्च सेंटर और आवासीय परिसर शामिल होंगे।

इस मॉडल से इंडस्ट्री और शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और छात्रों को व्यावहारिक कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।

टियर-2 और टियर-3 शहरों में प्रोफेशनल एजुकेशन

बजट में ICAI, ICSI और ICMAI जैसे पेशेवर संस्थानों को टियर-2 और टियर-3 शहरों में शॉर्ट-टर्म मॉड्यूलर कोर्स और प्रैक्टिकल टूल्स विकसित करने में सहायता देने का प्रस्ताव है। इससे छोटे शहरों के युवाओं को कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए तैयार किया जा सकेगा।

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा

भारत को वैश्विक हेल्थ डेस्टिनेशन बनाने के लिए बजट 2026 में विभिन्न राज्यों में पांच मेडिकल टूरिज्म हब विकसित करने की योजना भी शामिल है।

निष्कर्ष

एजुकेशन बजट 2026 यह साफ करता है कि सरकार शिक्षा को सिर्फ अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे रोजगार, हेल्थकेयर, इनोवेशन और वैश्विक अवसरों से जोड़ना चाहती है। आयुर्वेद, डिजाइन और एलाइड हेल्थ एजुकेशन पर किया गया निवेश आने वाले वर्षों में भारत की मानव पूंजी को मजबूत करेगा।